सोमवार, 14 दिसंबर 2020

मुहूर्त

 हिन्दू धर्म में मुहूर्त एक समय मापन इकाई है। वर्तमान हिन्दी भाषा में इस शब्द को किसी कार्य को आरम्भ करने की शुभ घड़ी को कहने लगे हैं।

एक मुहूर्त बराबर होता है दो घड़ी के, या लगभग 48 मिनट के.

अमृत/जीव मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त बहुत श्रेष्ठ होते हैं ; ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पच्चीस नाड़ियां पूर्व, यानि लगभग दो घंटे पूर्व होता है। यह समय योग साधना और ध्यान लगाने के लिये सर्वोत्तम कहा गया है।

मुहूर्तों के नाम

क्रमांकसमयमुहूर्तगुण
१०६:०० - ०६:४८रुद्रअशुभ
२०६:४८ - ०७:३६आहिअशुभ
३०७:३६ - ०८:२४मित्रशुभ
४०८:२४ - ०९:१२पितॄअशुभ
५०९:१२ - १०:००वसुशुभ
६१०:०० - १०:४८वाराहशुभ
७१०:४८ - ११:३६विश्वेदेवाशुभ
८११:३६ - १२:२४विधिशुभ - सोमवार और शुक्रवार को छोड़कर
९१२:२४ - १३:१२सतमुखीशुभ
१०१३:१२ - १४:००पुरुहूतअशुभ
१११४:०० - १४:४८वाहिनीअशुभ
१२१४:४८ - १५:३६नक्तनकराअशुभ
१३१५:३६ - १६:२४वरुणशुभ
१४१६:२४ - १७:१२अर्यमाशुभ - रविवार को छोड़कर
१५१७:१२ - १८:००भगअशुभ
१६१८:०० - १८:४८गिरीशअशुभ
१७१८:४८ - १९:३६अजपादअशुभ
१८१९:३६ - २०:२४अहिर बुध्न्यशुभ
१९२०:२४ - २१:१२पुष्यशुभ
२०२१:१२ - २२:००अश्विनीशुभ
२१२२:०० - २२:४८यमअशुभ
२२२२:४८ - २३:३६अग्निशुभ
२३२३:३६ - २४:२४विधातॄशुभ
२४२४:२४ - ०१:१२क्ण्डशुभ
२५०१:१२ - ०२:००अदितिशुभ
२६०२:०० - ०२:४८जीव/अमृतबहुत शुभ
२७०२:४८ - ०३:३६विष्णुशुभ
२८०३:३६ - ०४:२४युमिगद्युतिशुभ
२९०४:२४ - ०५:१२ब्रह्मबहुत शुभ
३००५:१२ - ०६:००समुद्रम्शुभ

तैत्तिरीय ब्राह्मण के अनुसार १५ मुहुर्तों के नाम इस प्रकार गिनाए गये हैं।

(१) संज्ञानं (२) विज्ञानं (३) प्रज्ञानं (४) जानद् (५) अभिजानत्
(६) संकल्पमानं (७) प्रकल्पमानम् (८) उपकल्पमानम् (९) उपकॢप्तं (१०) कॢप्तम्
(११) श्रेयो (१२) वसीय (१३) आयत् (१४) संभूतं (१५) भूतम् ।
चित्रः केतुः प्रभानाभान्त् संभान् ।
ज्योतिष्मंस्-तेजस्वानातपंस्-तपन्न्-अभितपन् ।
रोचनो रोचमानः शोभनः शोभमानः कल्याणः ।
दर्शा दृष्टा दर्शता विष्वरूपा सुर्दर्शना ।
आप्य्-आयमाणाप्यायमानाप्याया सु-नृतेरा ।
आपूर्यमाणा पूर्यमाणा पूर्यन्ती पूर्णा पौर्णमासी ।
दाता प्रदाताऽनन्दो मोदः प्रमोदः ॥ १०.१.१ ॥

शतपथ ब्राह्मण में एक दिन के पन्द्रहवें भाग (१/१५) को 'मुहूर्त' की संज्ञा दी गयी है।

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